“यूडीए कमिश्नर अभिषेक खन्ना ने
उदयपुर के जिला कलेक्टर श्री गौरव अग्रवाल ने आज पेनेशिआ डिसेबिलिटी राइट्स एक्टिविस्ट्स (PDRA) के अध्यक्ष एवं अर्थ डायग्नोस्टिक सेंटर के सीईओ डॉ. अरविंदर सिंह द्वारा लिखित दिव्यांगजन कल्याण एवं जागरूकता की पाँच महत्वपूर्ण पुस्तकों का विमोचन किया। ये पुस्तकें दिव्यांगजनों के उत्थान, उनके कानूनी अधिकारों और समाज में उनके समावेशन को बढ़ावा देने में सहायक होंगी। इन पुस्तकों में दिव्यांग बच्चों की पेरेंटिंग, दिव्यांग अधिकार, दिव्यांग बच्चो की शिक्षा, रोज़गार के अवसर और दिव्यांग विकास पर विस्तृत जानकारी प्रदान की है। यह पुस्तकें अमेज़ॉन पर भी प्रकाशित हुई है।
डॉ. अरविंदर सिंह की पाँच पुस्तकों का शीर्षक निम्नलिखित है :
- दिव्यांगअधिकार कानून 2016 : एक सरल मार्गदर्शिका
- मेराबच्चा मेरी ताकत : दिव्यांग बच्चे के माता-पिता की प्रेरणादायक यात्रा
- अनंतसंभावनाएं : दिव्यांग शिक्षा और विकास
- स्वावलम्बनकी उड़ान : दिव्यांगता और रोजगार
- समानडगर गौरवपूर्ण सफर
संस्था द्वारा दिव्यांग समाज के लिए किए जा रहे जमीनी कार्यों को जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने सराहा और दिव्यांग कल्याण हेतु किसी भी सहायता का आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि समाज को इस प्रकार के संवेदनशील और सकारात्मक प्रयासों की अत्यंत आवश्यकता है। डॉ. सिंह ने पुस्तक विमोचन के बाद कलेक्टर महोदय को पत्र सौंपा। इस पत्र के माध्यम से उदयपुर शहर को दिव्यांग-अनुकूल बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं:
- फतेहसागर झील पर दिव्यांगजनों के लिए उचित और आरक्षित पार्किंग की व्यवस्था हो।
- शहर के सभी सार्वजनिक शौचालयों को दिव्यांग-अनुकूल (Accessible) बनाया जाए।
- बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सुगम्यता (Access) सुनिश्चित की जाए।
संस्था की इस न्यायसंगत मांग पर जिला कलेक्टर ने बेहद सकारात्मक रुख अपनाया।उन्होंने उदयपुर विकास प्राधिकरण (UDA) के आयुक्त अभिषेक खन्ना को इन सभी प्रस्तावों के लिए उचित कदम उठाने के लिए कहा।इसके पश्चात पेनशिआ का प्रतिनिधिमंडल यूडीए कमिश्नर अभिषेक खन्ना से मिलने पहुंचा और उन्हें भी ज्ञापन की प्रति सौंपी।कमिश्नर खन्ना जी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वस्त किया कि शहर के पर्यटन स्थलों और सार्वजनिक व्यवस्थाओं को दिव्यांगजनों के लिए सुगम बनाने का कार्य जल्द से जल्द प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा। डॉ. अरविंदर सिंह ने कहा कि चूँकि वह स्वयं भी पोलियो जनित 50 प्रतिशत दिव्यांगता का सामना कर रहे है इसलिए यह पुस्तकें उन्होंने विपरीत परिस्थितयों में दिव्यांगता के बावज़ूद आगे बढ़ने की कला और अपने कानूनी अधिकारों की रक्षा पर लिखी है। यह पुस्तकें समस्त सरकारी पुस्तकालयों में निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएँगी। डा सिंह ने बताया कि अर्थ डायग्नोस्टिक्स और पेनशिआ डिसेबिलिटी दिव्यांगों के कानूनी अधिकारों की रक्षा और सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। इस पूरे विमोचन और मुलाकात के दौरान संस्था के कोषाध्यक्ष डॉ. खुर्शीद अहमद , सचिव सत्येंद्र पंवार और प्रशासनिक प्रमुख डिम्पल सुहालका उपस्थित रहे और उन्होंने प्रशासन के इस त्वरित एवं सकारात्मक सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।